सिस्टमेटिक अपग्रेडेशन
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पहले पहल जब हम, कविता लिखते थे
खेत खलिहानों में, गाँव की गली मोहल्लों मे
Love poems के मूल शब्द हम
बायीं हथेली पर ही लिख लेते थे
घर 🏠 पर आकर सांझ सवेरे, हाथ धोने से पहले
हथेली से मूल शब्द लेके रद्दी कागज़ पर,
भ हम हर रोज लाल रंग में पाण्डुलिपी लिखते थे
वक्त गुजरता रहा, लोग बदलते रहे
देश डवलप होता रहा,
हम हाथों ✋में कविता ले बैठे रहे ।
खेत खलिहानों में, गाँव की गली मोहल्लों मे
Love poems के मूल शब्द हम
बायीं हथेली पर ही लिख लेते थे
घर 🏠 पर आकर सांझ सवेरे, हाथ धोने से पहले
हथेली से मूल शब्द लेके रद्दी कागज़ पर,
भ हम हर रोज लाल रंग में पाण्डुलिपी लिखते थे
वक्त गुजरता रहा, लोग बदलते रहे
देश डवलप होता रहा,
हम हाथों ✋में कविता ले बैठे रहे ।
शताब्दी के शुरूआत में आधुनिकता की आँधी
हमरे जहन तलक आ पहुंची
कलैण्डर छपी इक वार्षिक डायरी अनायास ही
उनके हाथों से हमरे हाथों ✋ में आ धमकी
रद्दी कागज में लिखी पाण्डुलिपी अब
डायरी में छपके धीरे से चुपके से
सज सँवर कर कविता,
दुल्हन 👰 के मानद चाहत में तब्दील होने लगी
और नज्म बन राईटर की भावनाओं से खेलने लगी
धीरे धीरे कभी इधर के दिल 💘 के तो,
कभी कभी उधर के दिल 💘 के भी दरवाजे
मेरी नज्म, गजल, कविता खोलने लगी।
हमरे जहन तलक आ पहुंची
कलैण्डर छपी इक वार्षिक डायरी अनायास ही
उनके हाथों से हमरे हाथों ✋ में आ धमकी
रद्दी कागज में लिखी पाण्डुलिपी अब
डायरी में छपके धीरे से चुपके से
सज सँवर कर कविता,
दुल्हन 👰 के मानद चाहत में तब्दील होने लगी
और नज्म बन राईटर की भावनाओं से खेलने लगी
धीरे धीरे कभी इधर के दिल 💘 के तो,
कभी कभी उधर के दिल 💘 के भी दरवाजे
मेरी नज्म, गजल, कविता खोलने लगी।
अब मार्डन पिंकसिटी का असर देखलो
स्मार्ट फोन के प्रचलन से अब राईटर हुआ हाइटेक
कागज़ कलम दवात की अब पडती नहीं जरूरत
बिडला आडिटोरियम में हास्य कवि
अशोक चक्रधर जी ने हमको सिखा दिया
इक नायाब तरीका
स्मार्ट फोन में स्मार्ट तरिके से
सीधे ही स्मार्ट कविता लिखना
और
साहिब ने सिखला दिया हमको
सोशियल मीडिया का सद्उपयोग करना
फेसबक, व्हाटस्एप, व्टिटर पर कविता अपलोड करना।
स्मार्ट फोन के प्रचलन से अब राईटर हुआ हाइटेक
कागज़ कलम दवात की अब पडती नहीं जरूरत
बिडला आडिटोरियम में हास्य कवि
अशोक चक्रधर जी ने हमको सिखा दिया
इक नायाब तरीका
स्मार्ट फोन में स्मार्ट तरिके से
सीधे ही स्मार्ट कविता लिखना
और
साहिब ने सिखला दिया हमको
सोशियल मीडिया का सद्उपयोग करना
फेसबक, व्हाटस्एप, व्टिटर पर कविता अपलोड करना।
सादर: शिवराम मीमरोठ
रविवार 07.30 बजे
दिनांक: 26.03.2017
रविवार 07.30 बजे
दिनांक: 26.03.2017
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