दोस्तों पहले मेरी बाजुए बहुत कमजोर हुआ करती थी , मगर परिस्थतियो व् मौकें की नजाकत ने मुझे बहते पानी में धारा की विपरीत दिशा में तैरने को मजबूर करने के कारण बाजुए मजबूत हो गई दोस्तों.
सच कहू तो दोस्तों मजधार में न तो नाविक ने नाव में बैठने दिया और वक्त बे वक्त मछुआरों ने भी रास्ता भटकाने के कुटिल प्रयास भी किये .........मगर समुद्र सबकुछ जनता था, उसकी लहरों पर लेट करके ही मेने छीरसागर के विष्णु की तरह केवल केवल संचालन पर नजरस गढ़ा कर रखी थी.
सच कहू तो दोस्तों मजधार में न तो नाविक ने नाव में बैठने दिया और वक्त बे वक्त मछुआरों ने भी रास्ता भटकाने के कुटिल प्रयास भी किये .........मगर समुद्र सबकुछ जनता था, उसकी लहरों पर लेट करके ही मेने छीरसागर के विष्णु की तरह केवल केवल संचालन पर नजरस गढ़ा कर रखी थी.
" सत्यमेव जयते "
सत्यम शिवम् सुन्दरम
सत्यम शिवम् सुन्दरम
स:आदर : शिव राम मीमरोठ
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