उलझ गये हम छोटे -२ मुद्दों में
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हमतो उलझ गये आपस में
जय हिंद और
वंदे मातरम् बोलने में
टिपु सुल्तान, तात्या टोपो
और वीरसावरकर
की देश भक्ति को
परिभाषित करने से
छोटे छोटे मुद्दों में
हमतो भूल गये विकाश के वादे
और
मानव मनव के बीच
समरसता का भाव को।
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हमतो उलझ गये आपस में
जय हिंद और
वंदे मातरम् बोलने में
टिपु सुल्तान, तात्या टोपो
और वीरसावरकर
की देश भक्ति को
परिभाषित करने से
छोटे छोटे मुद्दों में
हमतो भूल गये विकाश के वादे
और
मानव मनव के बीच
समरसता का भाव को।
हमतो उलझ गये आपस में
मन्दिर मस्जिद के ढांचे को
विवादास्पद बनाने में
गाय 🐮 माताजी
बहस बहनजी की
सूअर भतीजासा की
जीवन गाथा
और
अंतिम संस्कारसे
छोटे छोटे मुद्दों में
हमतो भूल गये विकाश के वादे
और
मानव मनव के बीच
समरसता का भाव को।
मन्दिर मस्जिद के ढांचे को
विवादास्पद बनाने में
गाय 🐮 माताजी
बहस बहनजी की
सूअर भतीजासा की
जीवन गाथा
और
अंतिम संस्कारसे
छोटे छोटे मुद्दों में
हमतो भूल गये विकाश के वादे
और
मानव मनव के बीच
समरसता का भाव को।
हमतो उलझ गये आपस में
संविधान को तोड़ने मोड़ने
धारा 370 से
लव 💋 जिहाद करके
फिर
धर्मनिरपेक्षता से
तीन तलाक लेके
मोह बंधन में बंध गये
हिन्दूत्वसे
छोटे छोटे मुद्दों में
हमतो भूल गये विकाश के वादे
और
मानव मनव के बीच
समरसता का भाव को।
संविधान को तोड़ने मोड़ने
धारा 370 से
लव 💋 जिहाद करके
फिर
धर्मनिरपेक्षता से
तीन तलाक लेके
मोह बंधन में बंध गये
हिन्दूत्वसे
छोटे छोटे मुद्दों में
हमतो भूल गये विकाश के वादे
और
मानव मनव के बीच
समरसता का भाव को।
हम उलझ गये आपस में
वर्चुअल जगत की
मृगतृष्णा में
डिजिटल इंडिया के
लालच में
भूल गये हम
मोहन जोदारों की
पुश्तैनी हुण्डी को
नोट बंद करने से
छोटे छोटे मुद्दों में
हमतो भूल गये विकाश के वादे
और
मानव मनव के बीच
समरसता का भाव को ।
वर्चुअल जगत की
मृगतृष्णा में
डिजिटल इंडिया के
लालच में
भूल गये हम
मोहन जोदारों की
पुश्तैनी हुण्डी को
नोट बंद करने से
छोटे छोटे मुद्दों में
हमतो भूल गये विकाश के वादे
और
मानव मनव के बीच
समरसता का भाव को ।
सादर : शिवराम मीमरोठ
समय: 19.30 बजा
दिनांक: 10.04.2017
समय: 19.30 बजा
दिनांक: 10.04.2017
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