हमने उसको छोड़ था
या उसने ही हमको छोड़ दिया
कशमकश में नक्शा बदल गया जिनदगी का
बालकोंनी शैष रह गईं।
महल बनाया सपनों का
साथ ले कर अपने का
मोहब्बत के आँधियाँ में
वो नीव की बन गये
मैं कँगुरा शैष रह गये।
हिमालय सी ख्वाहिशें दिल 💘 में
रख कर
हम अमरकण्टक सा रह गये
पर मिसाल ए मोहब्बत वो
मन्दाकनी, भागीरथी
नर्मदा बन कर
मेरे मन के हर कंकर को
समझ के शंकर
आँसुओं मे भिगो गई।
सादर: शिवराम मीमरोठ
या उसने ही हमको छोड़ दिया
कशमकश में नक्शा बदल गया जिनदगी का
बालकोंनी शैष रह गईं।
महल बनाया सपनों का
साथ ले कर अपने का
मोहब्बत के आँधियाँ में
वो नीव की बन गये
मैं कँगुरा शैष रह गये।
हिमालय सी ख्वाहिशें दिल 💘 में
रख कर
हम अमरकण्टक सा रह गये
पर मिसाल ए मोहब्बत वो
मन्दाकनी, भागीरथी
नर्मदा बन कर
मेरे मन के हर कंकर को
समझ के शंकर
आँसुओं मे भिगो गई।
सादर: शिवराम मीमरोठ
No comments:
Post a Comment