Sunday, 5 January 2020

हम मस्त हैं: मंदिर में गााय की तलाक में।

हम मस्त हैं: मंदिर में गााय की तलाक में।
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UNO में छोटी मोटी नोक झोक पर
LOC पर छोटी छोटी मुठभेड़ों में
बोर्डर पर सिर कटने सी घटनाओं पर
हम गंभीर नहीं हैं , अभी वर्ना
त्रिशूल फेंकके मारेंगे शंकर का,
गदा उठा ली हमने हनुमान की ,
धनुष तान कर श्रीराम का
और चक्र कृष्णा का चला दिया तो पाकिस्तान को हम
लंका या कुरूक्षेत्र बना देंगे।
अभी तो हम
व्यस्त हैं मंदिर में गाय की तलाक में
सवाल हैं भारत में हमारी आस्था का
आज सर्कुलर में भारत सेकुलर जरूर हैं
मगर है नहीं हम शक्ल ,अक्ल साकार में
अबतो हम प्यार 💘 में लव 💋 जेहाद
ढूंढते हैं
एक दंपती के झगड़े में हम तीन तलाक ढूंढते हैं
हर मस्जिद और मजार में हम मंदिर
ढूंढते हैं
सेकुलर तो ऐसे हैं हम सबज़ी मंडी में बीफ ढूढतें हैं ।
कोई क
हमारी श्रद्धा गहरी है मंदिरगायतलाक में
लक्षमण की लक्षमण रेखा के " मंदिर "
के अंदर से जो सीता का हरण किया रावण ने
तब से हम मंदिर, बंदर, मंदिर, बंदर
चिल्लाते आये है
तब से अबतलक हम वैरागी शंकर के बैल से,
बाल गोपाल कन्हैया की गाय 🐮 का रिश्ता बनाते आये है
परन क्या करें हम
इक धोबी ने मार मार ताने उस जमाने में
मर्यादा पुरषोत्तम श्रीराम से अलग कर दिया
माता सीता को
सिर्फ" एक तलाक" में
जब तीन तलाक नहीं होते थे फिर भी रिश्ता कमज़ोर था
और
अब आजाद भारत में तीन तलाक होने से रिश्ते मजबूत हुए हैं
कमज़ोर नहीं।
सादर: शिवराम मीमरोठ

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