लोग कहते है हम मिलनसार नहीं,
हमसे तहेदिल से मिलते तो है सभी
नजरों के सहारे जो हलक में उतरे
नजर ऐसा चेहरा अब आता ही नहीं ------- (१)
हमें तो लोग गलत मानते हैं यूँ ही
हम ना कल गलत थे, ना आज हैं,
हम तो आदतन मान लेते है गलती ,
ताकि आपसे बना रहे युँ ही रिस्ते नाते-------(२)
ये तो हम हैं जो नकाब लगते नहीं,
💘 के खयाल तुमसे छिपाते नहीं
वर्ना लोग तो बीबी के पीठ पीछे
दिन में तीन दफा बदलते हैं विग----(३)
From : शिवराम मीमरोठ
हमसे तहेदिल से मिलते तो है सभी
नजरों के सहारे जो हलक में उतरे
नजर ऐसा चेहरा अब आता ही नहीं ------- (१)
हमें तो लोग गलत मानते हैं यूँ ही
हम ना कल गलत थे, ना आज हैं,
हम तो आदतन मान लेते है गलती ,
ताकि आपसे बना रहे युँ ही रिस्ते नाते-------(२)
ये तो हम हैं जो नकाब लगते नहीं,
💘 के खयाल तुमसे छिपाते नहीं
वर्ना लोग तो बीबी के पीठ पीछे
दिन में तीन दफा बदलते हैं विग----(३)
From : शिवराम मीमरोठ
No comments:
Post a Comment