Sunday, 5 January 2020

भगवान उर्जा का स्वरुप है ।


भगवान उर्जा    का  स्वरुप है ।
अत उर्जा क तरह भगवान न तो  पैदा होते है,  न ह कभी  मरते हैं।

जिसने माँ के पेट से जन्म लिया हो , बाद मर गया हो, बीच में शादी करके बच्चे पैदा किये हो, वह भगवान हो ही
नहीं सकता ।

वे केवल पुज्यनिय तो सकते हैं,  ए पी जो कलाम सहाब, गाँधी जी, बी आर अंबेडकर तथा मदर टरेसा की तरह।

श्री राम,  कृष्ण,   शिव,  इसा,  मुहम्मद, गुरु नानक जी,  बुद्ध तथा महावीर जैन इत्यादि आचार्यों / महापुरुषों को शिवराम मिमरोठ का सत सत नमन ।

सादर : शिवराम मीमरोठ

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