भगवान उर्जा का स्वरुप है ।
अत उर्जा क तरह भगवान न तो पैदा होते है, न ह कभी मरते हैं।
जिसने माँ के पेट से जन्म लिया हो , बाद मर गया हो, बीच में शादी करके बच्चे पैदा किये हो, वह भगवान हो ही
नहीं सकता ।
वे केवल पुज्यनिय तो सकते हैं, ए पी जो कलाम सहाब, गाँधी जी, बी आर अंबेडकर तथा मदर टरेसा की तरह।
श्री राम, कृष्ण, शिव, इसा, मुहम्मद, गुरु नानक जी, बुद्ध तथा महावीर जैन इत्यादि आचार्यों / महापुरुषों को शिवराम मिमरोठ का सत सत नमन ।
सादर : शिवराम मीमरोठ
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