हमझोली मिले, पर रह गए गिले, जिन्हे ढूढते दिल में
क्या खाक पढ़ू अखबारों में वो मिले नही फेसबुक में
दिल पर हाथ रखूं तो धड़कन बढ़ती डॉक्टर याद आती
खून चूसा लवेरिया ने, बदनाम हुआ मच्छर मलेरिया में
इश्क में,मदद करे नही कोई और तकनीकी करे छलाव
ब्लू ब्लू आंखो की यादें ताजा होती, हर रोज ब्लूटूथ में
ऑनलाइन ऑफलाइन जादू टोना ज्योतिष सभी तलाशे
सर्च करे पर नही मिले रसोईशयनकक्षबाथरूम गूगल में
बीएसएनएल लैंड लाइन मुलाकातें का जरिया पुराना था
अब टैक्स्ट मैसेज भी नही मिलते टेलीग्राम व्हाट्सऐप में
इस्तहार देखा पर मिले नही सोशलमीडिया इंस्टाग्राम में,
पिनकोड भी पता नही आजकल वो रहते कौनसे ग्राम में
क्या भूले क्या याद करे सब कुछ क्षत विक्षत किया हमने
जला दिए कागज के सारे टुकड़े चेहरा कैसे देखे खत में।
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