Shiv Ram Meemroth

Thinker, Poeoter, Writer and Philosopher

Friday, 15 March 2024

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Posted by Er.Shiv Ram Meemroth at 03:22
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      • हमनवाई तो थी मगर......
      • होली तो, होली! पर नहीं हुई! जैसी होनी थी
      • होली, तो होली, पर वैसी नहीं हुई! जैसी होनी थीपूनम...
      • होली का रंग : रूह या जिस्म में लगा
      • महिमा मंडन कुर्सी का
      • तुम्हारे लिए मर के भी देख लिया
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      • आसमां की तपन से
      • पहला प्रेम कोई कैसे भूले?
      • रिश्तों को निभाने के लिय
      • अविभाजित वजूद
      • तुम मुझे अच्छे लगते हो
      • मन करे आपका
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      • रगों का रंग राग दिल में।
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