जहां बार बार जाने को मन करे आपका मंदिर है वह जगह तो वहां मूर्ति में देवता।
वह घर है किसी का वहा इंसानी देवता
दर्शन करे मूर्ति के या खुदा की खुदाई के।
कदम अनायास उठे सदा जहां जाने को
मंदिर हो मस्जिद हो गिरजाघर या घर हो।
नेक इरादों से नेकी करे दरियां में न फेंके
आरजू पूजा में बदल जाए तो मन न रोकें।
खुद खुदा, येशु, शिव, बुद्ध कोई न कोई
करेंगे कृपा आप पर वो मजहब हो जैसा ।
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