Monday, 18 March 2024

आम्रपाली


दिल करता उनसे कुछ कहना, मगर कभी नही कहना
अंतर्मन मे उनकी बाते भर कर मन ही मन खुश रहना
मन की बाते उनसे कहदी तो फिर शेष बचा क्या मन में
मन की बाते मन में रहे,कहे नही,मन अवशेष बने रहना
मिलते नही वो दिखते नही वो फिर भी मेरे दिल में रहते
ये दिल उनका,वो मालिक इसदिल के उन्हे दिल में रहना
मिलना नही मुनासिब नसीब में कई बातें उनसे कहने को
उन्हे याद करे या उन्हें भूले,फिर भी दुविधा में खुश रहना
मन खुद्दारी करे किसी से दिल गद्दारी कैसे करे उसी से
मेरा मन मेरा दिल मुझे इनके और उनके चंगुल में रहना
ये प्यार वगैरा क्या होता है करते क्यों हैं लोग मोहब्ब्त
जिसने आंखें चार करी उसे होठों से प्यार में प्यास रहना
धर्म से हिंदू कर्म से बौद्ध हूं मैं, पर पूर्ण बुद्ध बना नही
अब चाहें बनू बौद्ध भिक्षु मुझे तो आम्रपाली संग रहना
सादर: शिव राम मीमरोठ
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