Saturday, 12 October 2024

 *हैप्पी फ्रेंडशिप डे*

आँखों के रास्तें अनमोल रिश्ता दोस्तीं का हम ख़ुद के लिए ख़ुद बनाते है।
अनमोल दोस्ती तोड़के, ख़ुद के लिए ख़ुद जन्नत के दरवाज़े बंद करते है।।
होठों से बातें हो नहीं पाती, आँखों से आँखें बातें करती पहली मुलाक़ात में ।
बिन बातें पहली मर्तबा,बिन दूजी मुलाक़ात जल बिन मीन दिल तड़पते है।।
नथुनें उमस उगले, साँसों की गर्मी से चक्रवात उठे,लहू रगों में लाए सुनामी
आँखों से गंगा_जमना निकले दिल सागर उझले पलकें झुक मंगल करते।।
पहले रुकते,धीरज रखते थे, ईद दिवाली होली का और फागुन के फाग का
तीज त्यौहारों,सावन के झूलों, बैशाखी के मेले तक दिल सब्र तोड़ते रहते है।।
अब तो ढूँढ लिए जाएँगे यूँ फ़ोन नंबर, गूगल अकाउंट, अल्फ़ाबेटिक नाम से
अब यू-ट्यूब फ़ेसबुक ह्वाट्सऐप ट्विटर इंस्टाग्राम लिंक्डइन से लिंक रहते है।।
नाखूनरी नैल पॉलिस, हिना अंजलि लालिम,गर्दनरी सलवटे, भालरी लकीरें
पहले देखा करते थे, अब इंतज़ार कों नहीं करे, अब सीधा आलिंगन करते है।
मुझे पता क्या? क्या तुम पढ़ने की पहल करोगें? या फिर एक और भूल करेंगे!
कह नहीं पाये दिल दशकों में सदियों के क़िस्से दिल से वो बात पते की लिखते है।।
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सादर : S R Meemroth

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